गृह प्रवेश शुभ मुहूर्त 2020


गृह प्रवेश मुहूर्त 2020 | गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त 2020 | Griha Pravesh Sanskar में आज हम आपको आने वाले साल 2020 में गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त के बारे में बताने जा रहे हैं.ऐसे में अगर आप इस साल नए ग्रह में प्रवेश करने जा रहे हैं तो इन तिथियों का ख्याल रखें.

आपको बता दें कि मुहूर्त वह शुभ समय में जिसमे कोई शुभ काम किया जाता है और शुभ मुहूर्त पर शुभ काम करने से सकारात्मक फल की प्राप्ति होती है. तमाम बाधाओं से मुक्ति मिल जाती है. यदि आप नए घर या पुरने घर या किराए के घर में प्रवेश की योजना बना रहे हैं तो हम आपको 2020 में गृह प्रवेश की तिथियां प्रदान कर रहे हैं।  

गृहप्रवेश महूर्त 2020 / Griha Pravesh Muhurat

गृहप्रवेश मुहूर्त जनवरी 2020

गृह प्रवेश दिनांक समय  नक्षत्र  तिथि
29 जनवरी (बुधवार) 12:13 to 31:14+ उत्तरा भाद्रपद पंचमी
30 जनवरी (बृहस्पतिवार) 07:14 to 13:18 उत्तरा भाद्रपद पंचमी

गृहप्रवेश मुहूर्त फरवरी 2020

गृह प्रवेश दिनांक समय नक्षत्र तिथि
03 फ़रवरी (सोमवार) 24:52+ to 31:12+ रोहिणी दशमी
05 फ़रवरी (बुधवार) 07:11 to 21:30 मृगशीर्ष एकादशी
13 फ़रवरी (बृहस्पतिवार) 09:25 to 20:45 चित्रा पंचमी
26 फ़रवरी (बुधवार) 06:53 to 28:11+ उत्तरा भाद्रपद, रेवती तृतीय

गृहप्रवेश मुहूर्त मार्च 2020

गृह प्रवेश दिनांक समय नक्षत्र तिथि
09 मार्च (सोमवार) 25:08+ to 30:39+ उत्तरा फाल्गुनी प्रतिपदा
11 मार्च (बुधवार) 18:59 to 30:37+ चित्रा तृतीय
12 मार्च (बृहस्पतिवार) 06:37 to 11:58 चित्रा तृतीय
18 मार्च (बुधवार) 13:01 to 30:29+ उत्तराषाढा दशमी , एकादशी
19 मार्च (बृहस्पतिवार) 06:29 to 14:49 उत्तराषाढा एकादशी

 गृहप्रवेश मुहूर्त अप्रैल 2020

गृह प्रवेश दिनांक समय नक्षत्र तिथि
25 अप्रैल (शनिवार) 20:57 to 29:48+ रोहिणी तृतीय
27 अप्रैल (सोमवार) 14:29 to 24:29+ मृगशीर्ष पंचमी

गृहप्रवेश मुहूर्त मई 2020 

गृह प्रवेश दिनांक समय नक्षत्र तिथि
08 मई (शुक्रवार ) 08:38 to 29:38+ अनुराधा प्रतिपदा, द्वितीय
18 मई (सोमवार) 05:32 to 15:07 उत्तरा भाद्रपद एकादशी
23 मई (शनिवार) 24:16+ to 29:29+ रोहिणी द्वितीय

गृहप्रवेश मुहूर्त जून 2020

गृह प्रवेश दिनांक समय नक्षत्र तिथि
15 जून (सोमवार) 05:27 to 27:17+ रेवती दशमी

गृहप्रवेश मुहूर्त नवंबर 2020

गृह प्रवेश दिनांक समय नक्षत्र तिथि
16 नवम्बर (सोमवार) 07:05 to 14:36 अनुराधा द्वितीय
19 नवम्बर (बृहस्पतिवार) 09:38 to 21:58 उत्तराषाढा पंचमी
25 नवम्बर (बुधवार) 06:56 to 29:09+ उत्तरा भाद्रपद, रेवती एकादशी
30 नवम्बर (सोमवार) 14:58 to 31:00+ रोहिणी प्रतिपदा

गृहप्रवेश मुहूर्त दिसंबर 2020

गृह प्रवेश दिनांक समय नक्षत्र तिथि
10 दिसम्बर (बृहस्पतिवार) 10:51 to 31:08+ चित्रा दशमी , एकादशी
16 दिसम्बर (बुधवार) 20:04 to 31:11+ उत्तराषाढा तृतीय
17 दिसम्बर (बृहस्पतिवार) 07:11 to 15:17 उत्तराषाढा तृतीय
23 दिसम्बर (बुधवार) 20:38 to 28:33+ रेवती दशमी

 

नोट: दरअसल जब हम विधिवत रूप से नए घर में प्रवेश करते हैं तो इसके लिए हमें यह जानना ज़रूरी होता है कि नए घर में परवश का सबसे उत्तम समय कौन सा है. इसी को मुहूर्त कहा जाता है. चूँकि नया घर लेना आज के समय में बहुत बड़ी और ख़ुशी की बात है. ऐसे में सभी की कामना होती है कि यह नया घर उसकी ज़िन्दगी में खुशियाँ लेकर आये. सभी इसी उम्मीद से नए घर में प्रवेश करते हैं. कोई भी नहीं चाहता कि नया घर उसके लिए अशुभ साबित हो और उसकी ज़िन्दगी में तमाम परेशानी शुरू हो जाये. इसलिए हमें गृह प्रवेश मुहूर्त के बारे में जानना ज़रूरी हो जाता है.

वैदिक ज्योतिक शास्त्र में बताया गया है कि शुभ मुहूर्त पर नए घर इ प्रवेश करने से घर में खुशहाली और सुकून आता है. शास्त्रों में इसके नियम बताये गए हैं.

ग्रह प्रवेश मुहूर्त 2020 का विचार

  • किसी भी शुभ काम करने के लिए हमें शुभ समय, जिसमे वार, तिथि और नक्षत्र, पर विचार ज़रूर करना चाहिए, तभी उसके सकारात्मक फल मिलते हैं. उस शुभ समय की गणना पंचांग के आधार पर की जाती है. किसी नए घर इ पहली बार प्रवेश करना हर किसी की ज़िन्दगी में बेहद शुभ मौका होता है. ऐसे में इस काम के लिए शुभ मुहूर्त को देखकर ही किया जाता है. ग्रह प्रवेश मुहूर्त पंडित या फिर ज्योतिषी निकालते हैं.
  • वैसे तो नए घर में प्रवेश के लिए सबसे उत्तम ज्येष्ठ, वैशाख और फाल्गुन माह को माना जाता है. ख्याल रहें कि चतुर्मास माह में इस तरह का शुभ काम नहीं करना चाहिए. वहीँ पौष माह भी गृह प्रवेश के लिए सही नहीं है.
  • वार दिन को कहते हैं. सबसे पहले तो यह जान लें कि मंगलवार को गृह प्रवेश नहीं किया जाता है. इसके अलावा बाकी के वार में गृह प्रवेश किया जा सकता है. वहीँ अमावस्या और पूर्णिमा तिथि के दिन भी गृह प्रवेश नहीं किया जाता है. शुक्ल पक्ष में द्वितीया, तृतीय, पंचमी, सप्तमी, एकादशी, द्वादशी और त्रयोदशी को गृह प्रवेश करना शुभ माना जाता है. इस साल के गृह प्रवेश मुहूर्त में सारी जानकारी मौजोद है.

गृह प्रवेश मुहूर्त 2020:  गृह प्रवेश के प्रकार

सबसे पहले यह जान लें कि गृह प्रवेश भी तीन प्रकार होते हैं. पहला प्रकार है अपूर्व गृह प्रवेश. जिसमे हम किसी नए घर में पहली बार प्रवेश करने जा रहे होते हैं. वहीँ दूसरा होता है सपूर्व ग्रह प्रवेश, इसमें यह होता है कि हम अपने किसी घर को छोड़कर कुछ समय के लिए कहीं चले  जाएँ, और फिर कुछ वक़्त के बाद वापस उसी घर में रहने के लिए प्रवेश करते हैं. तीसरा और आखिर प्रकार द्वान्धव गृह प्रवेश होता है जिसमे हम किसी तरह की कोई घटना या परेशानी की वजह से अपने घर को छोड़कर चले जाते हैं लेकिन जब स्थिति सामान्य हो जाती है तो वापस हम फिर उसी घर में प्रवेश करने के लिए आते हैं. इन तीनों प्रकार के गृह प्रवेश के लिए हमें शुभ मुहूर्त के बारे में जानना होता है.

गृह प्रवेश मुहूर्त 2020 में रखें इन बातों का ख़ास ख्याल

  • आने वाले साल 2020 में गृह प्रवेश के लिए मुहूर्त का निर्धारण करने के लिए कुछ ख़ास बातों पर विशेष ध्यान देना है. घर में प्रवेश के समय जन्मराशि या फिर जन्म लग्न से अष्टम लग्न न हो. ऐसा होने पर गृह प्रवेश शुभ नहीं माना जाता है. वहीँ इसका भी ख्याल रखना है कि जन्मलग्न से षष्ठम,  अष्टम और द्वादश भाव में चंद्रमा का होना भी गृह प्रवेश के लिए शुभ नहीं माना जाता है.
  • वहीँ गृह प्रवेश के लिए जन्मलग्न से तीसरी, छठी, दसवीं और ग्यारवीं के साथ साथ स्थिर लग्न की स्थिति शुभ मानी जाती है.
  • ग्राह्म लग्न में लग्न से प्रथम के साथ द्वितीय और पंचम, सप्तम और नवम, दशम भाव में शुभ ग्रह होने पर गृह प्रवेश करना शुभ माना जाता है. इसके अलावा एकादश भाव में तृतीय और षष्ठम में पापी ग्रह होने पर घर में प्रवेश करने का सही समय है. वहीँ चतुर्थ और अष्टम भाव शुद्ध होने की स्थिति में गृह प्रवेश करना सही होता है.

गृह प्रवेश मुहूर्त 2020 की संपूर्ण विधि

  • घर के मुख्य दरवाज़े को फूलों और बंदनवार के साथ खूबसूरती से सजाएं और रंगोली भी बनाना चाहिए.
  • वहीँ कलश में गंगा जल भरें और उसमे आम या फिर अशोक के पत्ते किनारे रखने बीच में नारियल रख दें.
  • कलश और नारियल दोनों पर कुमकुम से बना स्वास्तिक चिन्ह होना चाहिए.
  • पूजा हो जाने के बाद सूरज की रोशनी में कलश को हाथ में लेकर घर में प्रवेश करें.
  • घर के बाकी के सदस्य भी अपने हाथ में नारियल, चावल, दूध लेकर घर में प्रवेश करें.
  • घर में प्रवेश करने के दौरान इस बात का ख्याल रखें कि अगर पुरुष प्रवेश करे तो सबसे पहले अपना दाहिना पैर घर में रखे और स्त्री हो तो सबसे पहले अपना बायां पैर घर में रखे.
  • जिस दिन गृह प्रवेश करें, उसी दिन गणेश जी की मूर्ति के साथ साथ श्री यंत्र और दक्षिणावर्ती शंख को भी घर में लाना चाहिए.
  • प्रवेश करने के बाद भगवान् की वंदना करें और कलश को पूजा घर में ले जाकर वहीँ स्थापित कर दें.
  • प्रवेश करने के बाद किचन की भी पूजा करने और वहां पर स्वास्तिक चिन्ह बनाना चाहिए. रसोई घर में पूजा करने के बाद पहले दूध उबलना है और मिठाई पकाकर भोग लगाना है.
  • बाद इसके कौवा, गाय, कुत्ता या फिर चिति के नाम पर खाना निकालकर अलग रख देना है.
  • सारी प्रक्रिया होने के बाद आखिरी में किसी गरीब या फिर ब्राह्मण को भोजन कराना है और उन्हें दक्षिणा देना है.

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